सागर में बड़ा प्रशासनिक बदलाव: विकास सहवाल का तबादला, अनुराग सुजानिया बने नए एसपी, क्या अब थमेगा अपराध और बढ़ेगा जनता का भरोसा ?
सागर। मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर की गई बड़ी फेरबदल के तहत गृह विभाग ने कई आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इसी क्रम में 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग सुजानिया को सागर जिले का नया पुलिस अधीक्षक (एसपी) नियुक्त किया गया है। वहीं, अब तक सागर एसपी की जिम्मेदारी संभाल रहे विकास सहवाल को भोपाल में डीसीपी पद पर भेज दिया गया है।
नवागत एसपी अनुराग सुजानिया: अनुभव और सख्ती से उम्मीदें
राजस्थान मूल के आईपीएस अनुराग सुजानिया प्रशासनिक और फील्ड अनुभव का संतुलित मिश्रण माने जाते हैं। सागर उनके लिए नया जिला नहीं है,करीब 12 साल पहले वे यहां प्रशिक्षु के रूप में सुरखी थाना प्रभारी रह चुके हैं। इससे पहले वे करेरा में एसडीओपी और मंदसौर व मुरैना जैसे संवेदनशील जिलों में एसपी की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। हाल ही में वे पुलिस मुख्यालय भोपाल में सहायक पुलिस महानिदेशक के पद पर पदस्थ थे। उनकी कार्यशैली को लेकर यह माना जाता है कि वे फील्ड में सक्रिय रहने वाले और अपराध नियंत्रण पर फोकस रखने वाले अधिकारी हैं। ऐसे में सागरवासियों को उनसे उम्मीद है कि वे जिले में बढ़ते अपराधों,खासकर चोरी और कटरबाजी जैसी घटनाओं-पर प्रभावी अंकुश लगाएंगे।
बड़ी चुनौती: अपराध पर लगाम और जनता से संवाद
सागर जिले में बीते कुछ समय से चोरी, लूट और कटरबाजी की घटनाएं बढ़ी हैं। आमजन में सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल है। ऐसे में नए एसपी के सामने सबसे बड़ी चुनौती कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाना और अपराधियों में भय का माहौल पैदा करना होगा। इसके साथ ही, पुलिस और जनता के बीच संवाद को बेहतर बनाना भी प्राथमिकता में रहेगा। आम नागरिकों की अपेक्षा है कि पुलिस उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुने और त्वरित कार्रवाई करे।

पूर्व एसपी विकास सहवाल: दूरी, विवाद और आलोचना
अगस्त 2024 में सागर एसपी की कमान संभालने वाले विकास सहवाल का कार्यकाल विवादों और आलोचनाओं से घिरा रहा। आरोप रहे कि वे आम जनता तो दूर, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से भी मुलाकात करने से कतराते थे। एसपी कार्यालय में ज्ञापन देने पहुंचे लोगों को अक्सर निराश लौटना पड़ता था। शहर में यह चर्चा भी रही कि एसपी साहब फील्ड सक्रिय नहीं रहे, सिर्फ शासकीय कार्यक्रमों में ही देखते थे, उनके कार्यकाल में कई बार यह भी सामने आया कि वे बड़े अपराधिक घटनास्थलों पर पहुंचे ही नहीं।
थानों से दूरी और बढ़ते अपराध
आलोचना का एक बड़ा कारण यह भी रहा कि उन्होंने जिले के थानों का निरीक्षण तक नहीं किया। पुलिसिंग में जमीनी स्तर की निगरानी की कमी का असर अपराध नियंत्रण पर साफ दिखा। शहर में आए दिन कटरबाजी और चोरी की घटनाएं सामने आती रहीं, जिससे जनता का भरोसा डगमगाया।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया: सबसे कमजोर कार्यकाल
विकास सहवाल के तबादले के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। कई यूजर्स ने उनके कार्यकाल को सागर के इतिहास में सबसे कमजोर बताते हुए तीखी टिप्पणियां कीं। लोगों का कहना है कि पुलिस और जनता के बीच जो दूरी इस दौरान बनी, उसने कानून-व्यवस्था पर नकारात्मक असर डाला।

अब नजरें अनुराग सुजानिया पर
अब सागर की कानून-व्यवस्था की कमान अनुराग सुजानिया के हाथ में है। जनता को उम्मीद है कि वे न केवल अपराध पर लगाम लगाएंगे, बल्कि पुलिसिंग को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाएंगे।
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या नए एसपी सागर में सुरक्षा का भरोसा फिर से कायम कर पाते हैं या नहीं। फिलहाल, शहर को एक सख्त, सक्रिय और जनता से जुड़ा पुलिस कप्तान मिलने की उम्मीद जरूर जगी है








