बस में हुई पहचान के बाद खुद को बताया अधिकारी, 5 साल के लिए 1.05 लाख रुपए प्रतिमाह का कराया फर्जी एग्रीमेंट ; हूटर और नेमप्लेट लगाकर घूम रहा था आरोपी
सागर। सिविल लाइन थाना पुलिस ने खुद को नायब तहसीलदार बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान शिवम चतुर्वेदी निवासी गढ़ाकोटा के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से सीहोरा, जिला जबलपुर के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं दंडाधिकारी कार्यालय के नायब तहसीलदार पद का फर्जी आई-कार्ड, सील और कूटरचित दस्तावेज बरामद किए हैं। इस मामले में आरोपी का साथी अमित फरार है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।
पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत बस में हुई मुलाकात से हुई। एफआईआर में दर्ज जानकारी के मुताबिक, भोपाल से सागर की यात्रा के दौरान शिवम की मुलाकात तिली निवासी प्रबल सिंह ठाकुर के पिता से हुई थी। बातचीत के दौरान आरोपी ने अपना नाम शिवम तिवारी बताया। उसने सामने वाले को बताया कि वह पहले इनकम टैक्स ऑफिसर की नौकरी कर चुका है और अब सीहोरा में नायब तहसीलदार के पद पर नौकरी जॉइन कर चुका है।
अधिकारी होने की इसी पहचान का भरोसा दिलाकर आरोपी ने शासकीय कामकाज के लिए वाहन की जरूरत बताई। उसकी बातों पर विश्वास करते हुए फरियादी ने उसके लिए नई बोलेरो खरीदने का निर्णय लिया।
पांच साल का फर्जी एग्रीमेंट, हर महीने 1.05 लाख रुपए देने की बात
फरियादी ने 17 अगस्त 2026 को नई बोलेरो खरीदी। वाहन का नंबर MP 15 ZS 9934 है। इसके बाद आरोपी को यह गाड़ी पांच साल के लिए देने का फर्जी एग्रीमेंट तैयार किया गया, जिसमें हर महीने 1.05 लाख रुपए भुगतान किए जाने की बात कही गई थी।
आरोपी ने बोलेरो को अपने कब्जे में लेने के बाद उस पर हूटर और नायब तहसीलदार की नेमप्लेट भी लगवा ली। कुछ समय बाद फरियादी को आरोपी की बातों पर संदेह होने लगा। इसके बाद 4 सितंबर को उसने शिवम से वरिष्ठ अधिकारियों से बात कराने और उसके बताए पद से जुड़े मूल दस्तावेज दिखाने की मांग की।
दस्तावेज मांगे तो खुल गई पोल
बताया गया है कि शिवम अपने साथी अमित के साथ मौके पर पहुंचा। जब उससे कड़ाई से पूछताछ करते हुए दस्तावेज दिखाने को कहा गया तो उसने नायब तहसीलदार का फर्जी आई-कार्ड दिखाया। दस्तावेज सामने आने के बाद फरियादी को उसके फर्जीवाड़े का पता चल गया।
इसके बाद आरोपी ने फोन पर किसी से बात करने का बहाना बनाया और मौके से फरार हो गया। हालांकि, वह बोलेरो वहीं छोड़कर भाग गया।
मामले की शिकायत मिलने के बाद सिविल लाइन पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी शिवम चतुर्वेदी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके फरार साथी अमित की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और जल्द ही पूरे प्रकरण का खुलासा किया जाएगा।
पहले भी गिरोह बनाकर ठगी कर चुका है आरोपी
पुलिस जांच में आरोपी का पुराना रिकॉर्ड भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, करीब एक साल पहले ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने सागर के चार युवकों के एक गिरोह को पकड़ा था। यह गिरोह हाईवे पर खुद को पुलिसकर्मी बताकर लोगों से अवैध वसूली करता था। इसके अलावा बेरोजगार युवाओं को पुलिस में नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगी करने के आरोप भी गिरोह पर लगे थे।
पुलिस के अनुसार, उस गिरोह की कमान भी गढ़ाकोटा निवासी शिवम चतुर्वेदी के हाथ में थी। जेल से बाहर आने के बाद उसने ठगी का तरीका बदल लिया और इस बार खुद को नायब तहसीलदार बताकर लोगों को विश्वास में लेने की कोशिश की।








