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सागर निगम में महापौर बनाम निगमायुक्त! बैठक छोड़कर बाहर निकलीं महापौर, कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

पूर्व निर्णयों पर कार्रवाई न ...

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पूर्व निर्णयों पर कार्रवाई न होने से नाराज महापौर, एमआईसी सदस्यों के साथ बैठक से बाहर निकलीं
निगमायुक्त की कार्यप्रणाली की निंदा कर शासन को पत्र भेजने का निर्णय, बीएलसी योजना की जांच भी लंबित
सागर। नगर निगम की महापौर परिषद की बैठक बुधवार को नवीन भवन सभाकक्ष में महापौर संगीता तिवारी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पूर्व बैठकों में लिये गये निर्णयों पर समय सीमा में कार्रवाई नहीं होने को लेकर महापौर और एमआईसी सदस्यों ने निगमायुक्त की कार्यप्रणाली पर गंभीर आपत्ति जताई। नाराज महापौर एमआईसी सदस्यों के साथ बैठक से बाहर निकल गई। महापौर ने कहा कि पूर्व बैठकों में कई विषयों पर सात दिन में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये थे, लेकिन निर्धारित समय में रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई। महापौर परिषद के निर्णयों की लगातार अवहेलना हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आपकी महापौर आपके द्वार जनचौपाल के एक भी कार्यक्रम में निगमायुक्त उपस्थित नहीं हुये और पार्षदों एवं नागरिकों की समस्याओं के निराकरण में भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। एमआईसी ने निगमायुक्त की कार्यप्रणाली पर आपत्ति दर्ज करते हुये मुख्यमंत्री, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं आयुक्त नगरीय प्रशासन, संभागायुक्त तथा कलेक्टर को पत्र भेजने का निर्णय लिया। बैठक में बीएलसी घटक योजना में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच का मुद्दा भी उठा। महापौर परिषद के पूर्व निर्णयों के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं होने पर सदस्यों ने नाराजगी जताई। सदस्य विनोद तिवारी ने कहा कि जांच पूरी नहीं हुई, जबकि संबंधित कई कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं और कुछ की मृत्यु भी हो चुकी है। महापौर ने कहा कि निगमायुक्त की ओर से अब तक कार्रवाई से परिषद को अवगत नहीं कराया गया है। डेयरी विस्थापन की समीक्षा में बताया गया कि कुल 155 डेयरियों में से 125 को नोटिस जारी किये जा चुके हैं। इनमें 35 डेयरियों ने जियो.टैगिंग प्रमाण के साथ पुनः आवेदन किया है। सदस्य धर्मेन्द्र खटीक ने सवाल उठाया कि अब तक सभी डेयरियां विस्थापित क्यों नहीं हुई और बिना पशु वाले लोगों को प्लॉट आवंटित कैसे किये गये। महापौर ने कहा कि डेयरी विस्थापन का काम कागजों पर अधिक और धरातल पर कम दिखाई दे रहा है। निगमायुक्त ने 15 दिन में अपात्र आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई का आश्वासन दिया। राजघाट में डीसिल्टिंग कार्य की प्रगति की जानकारी देते हुये बताया गया कि बड़े क्षेत्र में काम पूरा हो चुका है, लेकिन जलस्तर बढ़ने के कारण शेष कार्य प्रभावित है। धर्मेन्द्र खटीक ने कार्य की समीक्षा के लिए समिति गठित करने की मांग की। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों की सूची सार्वजनिक करने और नोटिस बोर्ड पर चस्पा करने का निर्णय लिया गया। किशोर न्यायालय आवासीय योजना की हितग्राही स्वाति जैन ने आवास आवंटित होने के बावजूद पानी और बिजली की सुविधा नहीं मिलने की शिकायत की। इस पर महापौर एवं सदस्यों ने नाराजगी जताते हुए मूलभूत सुविधायें उपलब्ध कराने की बात कही। सदस्य संगीता जैन ने वृंदावन वार्ड के श्रीराम नगर और एमएलबी स्कूल के पास जलभराव की समस्या का मुद्दा उठाया। उन्होंने समस्या के निराकरण की समय सीमा तय करने की मांग की, जिस पर निगमायुक्त ने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। विनोद तिवारी और संगीता जैन ने हॉकर्स जोन में अब तक बोर्ड नहीं लगाये जाने का मुद्दा उठाया। महापौर ने कहा कि पिछली बैठक में सात दिन में बोर्ड लगाने का निर्णय हुआ था, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। एनकेप के अंतर्गत किये गये कार्यों की स्वीकृति और जानकारी परिषद के समक्ष प्रस्तुत नहीं किये जाने पर भी सवाल उठे। महापौर ने भगवान परशुराम चौराहा और सदस्य राजकुमार पटेल ने लवकुश चौराहा निर्माण की दिशा में कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठाया। वही रूपेश यादव ने टाटा पाइपलाइन डालने तथा अवैध नल कनेक्शनों को तत्काल बंद कर संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। अवैध नल कनेक्शन के मामलों में घरेलू कनेक्शन पर 25 हजार और व्यावसायिक कनेक्शन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाने पर चर्चा हुई। संबंधित इंजीनियर ने बताया कि पिछले माह 100 से अधिक अवैध नल कनेक्शन काटे गये हैं। निगम के नवीन भवन सहित अन्य शासकीय भवनों में पीपीपी मोड पर सोलर एनर्जी सिस्टम लगाने के पूर्व निर्णय पर भी चर्चा हुई। महापौर ने कहा कि विद्युत बचत और निगम पर वित्तीय भार कम करने के लिये लंबे समय से एनर्जी ऑडिट की बात हो रही है, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने रीवा नगर निगम की तर्ज पर सागर में भी कार्रवाई करने का सुझाव दिया। बैठक में एल्डरमैन के मानदेय भुगतान, प्रधानमंत्री आवास योजना के मेनपानी एवं कनेरादेव तथा राजीव आवास योजना के विभिन्न प्रोजेक्ट में पंजीयन एवं अंशदान राशि वापसी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के अनुरूप उपविधि लागू करने सहित अन्य प्रस्तावों पर भी चर्चा कर निर्णय लिये गये।

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मैं सूरज सेन पिछले 6 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूं और मैने अलग अलग न्यूज चैनल,ओर न्यूज पोर्टल में काम किया है। खबरों को सही और सरल शब्दों में आपसे साझा करना मेरी विशेषता है।
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