सागर में कुम्हारों को दीवाली पर बड़ी राहत, मिट्टी के दीये-मूर्तियों की बिक्री पर नहीं देना होगा शुल्क
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने लिया फैसला, शहर से लेकर गांव तक दुकान लगाने के लिए मिलेगी फ्री जगह
सागर। दीवाली के मौके पर मिट्टी के दीये, मूर्ति, खिलौने और सजावट का सामान बेचने वाले दुकानदारों के लिए अच्छी खबर है। इस बार उन्हें बाजार में दुकान लगाने का कोई पैसा नहीं देना पड़ेगा। जिला प्रशासन ने ऐसे विक्रेताओं से बाजार बैठकी न लेने का निर्णय किया है।
जानकारी के अनुसार, ऐसे सभी विक्रेताओं को जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में सामान बेचने के लिए निःशुल्क जगह दी जाएगी।
इस संबंध में सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने शनिवार दोपहर 3 बजे जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह कदम स्थानीय कुम्हारों और छोटे कारोबारियों को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। इस फैसले के बाद कुम्हार समुदाय के लोग बिना कोई अतिरिक्त खर्च किए अपने बनाए हुए मिट्टी के उत्पादों को बेच पाएंगे।
प्रशासन की इस पहल से त्योहार के समय पारंपरिक कारीगरों को अपना सामान बेचने के लिए एक तय और सुविधाजनक स्थान मिल सकेगा। इससे न केवल उन्हें आर्थिक मदद मिलेगी, बल्कि जिले के पारंपरिक हस्तकला और मिट्टी कला के कारोबार को भी मजबूती मिलेगी।








