अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग की टीम पर हमला, वनरक्षक की वर्दी फाड़ी,लाठी-डंडों, पत्थरों और कुल्हाड़ी से हमले का आरोप, सरकारी वाहनों में तोड़फोड़, डिप्टी रेंजर समेत कई कर्मचारी घायल, तीन आरोपियों पर एफआईआर
सागर/शाहगढ़। सागर जिले के शाहगढ़ क्षेत्र में शासकीय वन भूमि से अतिक्रमण हटाने और अवैध जुताई रोकने पहुंची वन विभाग की टीम पर हमला करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कार्रवाई का विरोध कर रहे लोगों ने वनकर्मियों के साथ मारपीट की, डिप्टी रेंजर की वर्दी फाड़ दी और सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की। घटना में डिप्टी रेंजर समेत कई वनकर्मी घायल हुये हैं। वहीं ट्रैक्टर जब्त होने से बचाने के दौरान चालक द्वारा अपने पिता को कुचलने का आरोप भी लगाया गया है। मामले में शाहगढ़ पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना 11 अक्टूबर की रात करीब 9 से 10 बजे के बीच भीमराव अंबेडकर वन अभ्यारण्य के अंतर्गत शाहगढ़ रेंज की छोटा बंधा क्षेत्र के निवाही बीट स्थित बटवाहा गांव की वन भूमि पर हुई। वन विभाग के अनुसार, करीब पांच एकड़ शासकीय वन भूमि पर दोबारा जुताई किये जाने की सूचना मिलने पर टीम कार्रवाई करने पहुंची थी। जानकारी के अनुसार वन विभाग को सूचना मिली थी कि कुछ लोग ट्रैक्टर से शासकीय वन भूमि की जुताई कर रहे हैं। इस पर डिप्टी रेंजर कमलेश सिंह ठाकुर सहित वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और संबंधित लोगों को जुताई करने से रोकते हुये ट्रैक्टर जब्त करने का प्रयास किया। इसी दौरान विवाद शुरू हो गया। वन विभाग की शिकायत के मुताबिक निवाही गांव निवासी हरिराम यादव, हरेंद्र यादव और अमित यादव सहित अन्य लोगों ने कार्रवाई का विरोध करते हुये वनकर्मियों के साथ गाली गलौज और मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान लाठी-डंडों, पत्थरों और कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया गया। देखते ही देखते मौके पर तनाव बढ़ गया और अन्य लोग भी वहां पहुंच गये।
डिप्टी रेंजर की वर्दी फाड़ी, वाहनों में तोड़फोड़
हमले में डिप्टी रेंजर शैलेंद्र तिवारी और कमलेश सिंह ठाकुर सहित कई वनकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि डिप्टी रेंजर शैलेंद्र तिवारी की वर्दी भी फाड़ दी गई। वन विभाग और पुलिस के सरकारी वाहनों पर पथराव कर उन्हें क्षतिग्रस्त किया गया। वन विभाग के अनुसार कर्मचारियों को घेरकर हमला किया गया। हमलावरों की संख्या अधिक होने और रात का समय होने के कारण वनकर्मियों को मौके से निकलकर अपनी जान बचानी पड़ी। घटना के बाद घायल कर्मचारियों को उपचार के लिये अस्पताल पहुंचाया गया।
ट्रैक्टर लेकर भागा चालक, पिता को कुचलने का आरोप
मामले में सबसे गंभीर आरोप ट्रैक्टर लेकर भागने के दौरान हुई घटना को लेकर है। वन विभाग के अनुसार महिंद्रा डीआई 265 ट्रैक्टर क्र. एमपी 15 एबी 1160 को जब्त करने का प्रयास किया जा रहा था। आरोप है कि ट्रैक्टर को जब्ती से बचाने के लिए चालक ने आगे खड़े अपने पिता हरिराम यादव की अनदेखी करते हुये ट्रैक्टर आगे बढ़ा दिया, जिससे वह उसकी चपेट में आ गये। इसके बाद चालक ट्रैक्टर लेकर मौके से भाग निकला। हालांकि इस घटना की वास्तविक परिस्थितियों और चालक की भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। वन विभाग ने घटना से संबंधित वीडियो भी पुलिस को उपलब्ध कराये हैं। विभाग का दावा है कि वीडियो में कुछ लोग कथित तौर पर लाठी डंडों से हमला करते और पथराव करते दिखाई दे रहे हैं।
डिप्टी रेंजर जिला
अस्पताल रेफर
हमले में घायल डिप्टी रेंजर शैलेंद्र तिवारी की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किये जाने की जानकारी मिली है। वहीं घायल वनरक्षक नारायण पालिया सहित अन्य वनकर्मियों का शाहगढ़ के शासकीय अस्पताल में उपचार कराया गया। घटना के बाद वन विभाग के कर्मचारियों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर
वन विभाग की एसडीओ शोभना वर्मा ने बताया कि शासकीय वन भूमि से अतिक्रमण हटाने और अवैध जुताई रोकने पहुंची टीम पर हमला किया गया, जिसमें विभाग के कई कर्मचारी घायल हुए हैं। मामले में शाहगढ़ थाने में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। वन परिक्षेत्र अधिकारी सर्वेश सोनी ने बताया कि वनकर्मियों पर हमले और सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की शिकायत के आधार पर गैर.जमानती धाराओं में मामला दर्ज कराया गया है। संबंधित लोगों के पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस वन भूमि से पहले भी अतिक्रमण हटाया गया था, लेकिन दोबारा अतिक्रमण किये जाने की सूचना मिली थी।
पुलिस ने शुरू की जांच
शाहगढ़ थाना प्रभारी संदीप खरे ने बताया कि वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। वनकर्मियों ने घटना से संबंधित वीडियो भी पुलिस को उपलब्ध कराये हैं। देर रात मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। फिलहाल पुलिस आरोपों, वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। वन भूमि पर कथित अतिक्रमण, वनकर्मियों के साथ मारपीट, सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ और ट्रैक्टर से पिता को कुचलने के आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।
अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग की टीम पर हमला, वनरक्षक की वर्दी फाड़ी,लाठी-डंडों, पत्थरों और कुल्हाड़ी से हमले का आरोप, सरकारी वाहनों में तोड़फोड़,
अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग ...
by Suraj Sen
[post_dates]

Sub Editor







