बीना नदी का जलस्तर बढ़ने से खुरई-पठारी मार्ग बंद कर दिया गया है। दलपतपुर पुल के डूबने की आशंका के चलते प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर आवागमन रोका, अब दानखेड़ी मार्ग से आवाजाही होगी।
सागर/बीना। सागर और विदिशा जिले की सीमा पर बीना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से प्रशासन ने एहतियातन खुरई-पठारी मार्ग को बंद कर दिया है। हनौता बांध निर्माण के कारण दलपतपुर पुल के डूबने की आशंका को देखते हुए पुल पर बैरिकेडिंग कर मिट्टी डालकर आवागमन रोक दिया गया है। रविवार शाम तक नदी का पानी पुल से महज आधा फीट नीचे पहुंच गया था।
प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से चार पहिया और बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी है। हालांकि कुछ बाइक सवार अब भी मिट्टी के ढेर के किनारे से निकलते नजर आए। अधिकारियों का अनुमान है कि अगले एक-दो दिनों में दलपतपुर पुल पूरी तरह पानी में डूब जाएगा, जिसके बाद यह मार्ग करीब छह महीने तक बंद रहेगा।
अब दानखेड़ी मार्ग ही विकल्प
दलपतपुर पुल बंद होने के बाद खुरई से पठारी, त्योंदा, विदिशा, गंजबासौदा और भोपाल जाने वाले लोगों को अब दानखेड़ी मार्ग का उपयोग करना होगा। खुरई और पठारी के बीच यही एक वैकल्पिक रास्ता बचा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, दानखेड़ी होकर जाने पर करीब 10 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे यात्रियों का समय और ईंधन दोनों अधिक खर्च होंगे।
बस संचालकों की बढ़ी चिंता
खुरई-पठारी मार्ग पर भोपाल, विदिशा और इंदौर के लिए डबल डेकर, सुपर डीलक्स और स्लीपर कोच बसें संचालित होती हैं। अब इन बसों को दानखेड़ी मार्ग से गुजरना होगा, जहां बिजली के लटकते तार और पेड़ों की झाड़ियां बड़े वाहनों के संचालन में परेशानी पैदा कर सकती हैं।
अधिकारियों ने क्या कहा ?
हनौता बांध परियोजना के अधिकारी प्रदुम्न भार्गव ने बताया कि बीना नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद एसडीएम के निर्देश पर खुरई-पठारी मार्ग को सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया है। प्रशासन लोगों से वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने और बंद रास्ते से गुजरने का प्रयास न करने की अपील कर रहा है।








