2026 साइंटिफिक एंड वोकेशनल एजुकेशन समिट में डॉ सुरेंद्र पाठक “वसुधैव कुटुम्बकम् ग्लोबल पीस अवॉर्ड” से सम्मानित
नई दिल्ली। लोदी रोड स्थित आईआईसी के ऑडिटोरियम में “2026 साइंटिफिक एंड वोकेशनल एजुकेशन समिट” 12 मार्च को हुआ। अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक सम्मेलन का भव्य आयोजन संयुक्त रूप से इंदिरा गांधी प्रौद्योगिकी और चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, भारतीय शैक्षिक मानक और परीक्षण परिषद, भारतीय पारिस्थितिकी और पर्यावरण संस्थान, भारतीय विश्वविद्यालय परिसंघ तथा अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय, नागालैंड द्वारा किया गया। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देना, मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करना तथा वैश्विक शांति और सहयोग की भावना को प्रोत्साहित करना था।
इस समिट में देश-विदेश के शिक्षाविदों, विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों, शोधकर्ताओं तथा सामाजिक संगठनों से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने भाग लिया। सम्मेलन में शिक्षा, सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण, मानव मूल्यों तथा विश्व शांति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि भारत सरकार की पूर्व विदेश एवं संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में पर्यावरणीय समस्याओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपरा “वसुधैव कुटुम्बकम्” के सिद्धांत पर आधारित है, जो आज के वैश्विक समय में मानवता को एक परिवार के रूप में देखने की प्रेरणा देती है। उन्होंने शिक्षा को समाज में शांति, सहअस्तित्व और नैतिक मूल्यों के प्रसार का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।
उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि विश्व शांति, करुणा, सहिष्णुता और मानवीय मूल्यों की स्थापना के लिए शिक्षा जगत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने शिक्षकों और शोधकर्ताओं से समाज के समग्र विकास के लिए मूल्याधारित शिक्षा को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
समिट के दौरान शांति, सद्भावना और “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना के प्रसार में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. सुरेन्द्र कुमार पाठक को प्रतिष्ठित “वसुधैव कुटुम्बकम् ग्लोबल पीस अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान मुख्य अतिथि मीनाक्षी लेखी तथा डॉ. प्रियरंजन त्रिवेदी द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।
सम्मान प्रदान करते हुए वक्ताओं ने कहा कि यह पुरस्कार उन व्यक्तित्वों को दिया जाता है जिन्होंने समाज में शांति, करुणा, सहिष्णुता और मानवता की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
कार्यक्रम में अनेक विशिष्ट नेताओं और वक्ताओं ने अपने विचार प्रस्तुत किए। इनमें अब्दुल्ला मोहम्मद अबू शवैश (फिलिस्तीन के राजदूत), डॉ. मार्कंडेय राय अध्यक्ष ग्लोबल पीस फाऊंडेशन, सायमा रहमान (प्रसिद्ध रेडियो व्यक्तित्व), प्रो. (डॉ.) एम. अफ़शार आलम (कुलपति, जामिया हमदर्द), डॉ. एस. एन. पांडेय कुलाधिपति, डॉ. ग्रेगरी बर्गलंड, प्रो. संजय कुमार झा एमिटी यूनिवर्सिटी, डॉ. लाज उतरेजा (पूर्व नासा वैज्ञानिक), डॉ. विमल एस. मलिक, डॉ. सुरेन्द्र के. पाठक, डॉ. ए. के. अरुण पांडेय तथा शिव कुमार प्रमुख रहे।
सम्मेलन के दौरान शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, कौशल विकास और वैश्विक शांति जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। कार्यक्रम के अंत में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। सम्मेलन का समापन वैश्विक शांति, सहयोग और मूल्य आधारित शिक्षा के संकल्प के साथ हुआ।








