नवरात्रि की पंचमी पर बाघराज मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, मां हरसिद्धि के दर्शन के लिए पहुंच रहे भक्त !
सागर के प्राचीन मंदिर में सुबह से लगी श्रद्धालुओं की कतारें, पुजारी बोले- सच्चे मन से मांगी गई मुराद मां भगवती जरूर सुनती हैं
सागर। शारदीय नवरात्रि में सागर के प्रसिद्ध बाघराज मंदिर में भक्ति और आस्था का अनूठा नजारा देखने को मिल रहा है। नवरात्रि की पंचमी पर सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। भक्तों ने मां हरसिद्धि को जल अर्पित कर पूजा-अर्चना की और नारियल व प्रसाद चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा।
प्राचीन मंदिर से जुड़ी है खास मान्यता
बाघराज मंदिर को शहर के प्राचीन धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। यहां विराजमान मां हरसिद्धि के दर्शन के लिए नवरात्रि के दिनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। भक्त विधि-विधान से पूजा कर माता का आशीर्वाद लेते हैं। मान्यता है कि मां हरसिद्धि अपने भक्तों के कष्ट दूर करती हैं और सच्चे मन से की गई प्रार्थना सुनती हैं।
कभी यहां था घना जंगल, बाघों का रहता था डेरा
मंदिर के पुजारी पुष्पेंद्र पाठक ने सुबह 9:30 बजे जानकारी देते हुए बताया कि बाघराज मंदिर बेहद प्राचीन है। उनके अनुसार, पहले इस स्थान पर जंगल हुआ करता था और यहां बाघों का डेरा रहता था। उन्होंने यह भी बताया कि मंदिर परिसर में नाग देवता, जिन्हें श्रद्धालु ‘दादा’ के नाम से पुकारते हैं, के दर्शन होने की मान्यता भी प्रचलित है।
मां के दरबार में पहुंच रहे श्रद्धालु
पुजारी पुष्पेंद्र पाठक ने बताया कि जो भक्त सच्चे मन से मां भगवती से प्रार्थना करते हैं, उनकी मनोकामना पूर्ण होने की आस्था है। इसी विश्वास के साथ नवरात्रि के दौरान दूर-दूर से श्रद्धालु मां हरसिद्धि के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। पंचमी पर हुई विधि-विधान से आरती के बाद भक्तों ने माता के दर्शन कर नारियल और प्रसाद अर्पित किया।








