ई.टोकन व्यवस्था बनी किसानों के गले की फांस, डीएपी के लिये एक सप्ताह से परेशान अन्नदाता
पोर्टल पर बुकिंग नहीं होने से खेती के काम प्रभावित, किसानों ने सीधे खाद वितरण की व्यवस्था लागू करने की उठाई मांग
सागर/मालथौन। किसानों को खाद आसानी से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू की गई ई.टोकन व्यवस्था अब उनके लिये परेशानी का कारण बनती जा रही है। मालथौन क्षेत्र में अनेक किसान डीएपी खाद का ई.टोकन बनवाने के लिये कई दिनों से प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ऑनलाइन बुकिंग नहीं होने से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि ई.विकास पोर्टल और एमपी ऑनलाइन के माध्यम से लगातार प्रयास करने के बावजूद खाद की बुकिंग नहीं हो पा रही है। इससे उनका कीमती समय बर्बाद हो रहा है और खेती किसानी के जरूरी काम भी प्रभावित हो रहे हैं। किसानों के अनुसार कभी पोर्टल पर सागर जिले में खाद का स्टॉक उपलब्ध नहीं होने की जानकारी मिलती है, तो कभी वेबसाइट ठीक से काम नहीं करती। ऐसे में किसान सुबह से ही मोबाइल और एमपी ऑनलाइन की दुकानों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। दूसरी ओर खेतों में बुवाई के लिये खाद की जरूरत लगातार बनी हुई है। किसानों का कहना है कि समय पर खाद नहीं मिलने से खेती के काम में देरी हो रही है और खेतों की नमी भी कम होती जा रही है। किसानों की परेशानी के बीच किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार ऑनलाइन ई.टोकन बुकिंग की प्रक्रिया सुबह 10 बजे शुरू होती है। किसानों को इसी माध्यम से खाद प्राप्त करने के लिये बुकिंग करनी होती है। हालांकि किसानों का कहना है कि निर्धारित समय पर प्रयास करने के बाद भी बुकिंग नहीं हो पा रही है। ऐसे में डिजिटल व्यवस्था का लाभ लेने के बजाय उन्हें बार-बार ऑनलाइन प्रक्रिया में उलझना पड़ रहा है। किसान इंद्रपाल राय ने बताया कि वह पिछले तीन दिनों से रोजाना करीब दो-दो घंटे मोबाइल और एमपी ऑनलाइन की दुकान के माध्यम से डीएपी खाद का ई.टोकन बनवाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक बुकिंग नहीं हो सकी है। खेतों की नमी कम हो रही है और मसूर की बुवाई के लिये डीएपी खाद की आवश्यकता है। समय पर खाद नहीं मिलने से बुवाई प्रभावित होने की चिंता बनी हुई है। वहीं किसान उपेंद्र सिंह और आदित्य कुमार ने बताया कि वे पिछले एक सप्ताह से ई.विकास पोर्टल पर ई.टोकन बनवाने के प्रयास में लगे हैं। इस प्रक्रिया में उनका काफी समय खर्च हो रहा है और खेती के अन्य काम भी प्रभावित हो रहे हैं। किसानों ने मांग की कि ऑनलाइन व्यवस्था में आ रही समस्याओं को दूर कर खाद वितरण की प्रक्रिया सरल बनाई जाये। यदि ई.टोकन बनाने में ही कई दिन लग जायेंगे, तो समय पर खेती का काम कैसे पूरा होगा। किसानों का कहना है कि खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था ऐसी होनी चाहिये, जिससे उन्हें तकनीकी समस्याओं के कारण परेशान न होना पड़े। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से पोर्टल की समस्या और स्टॉक की स्थिति की जांच कर समय पर खाद उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही ई.टोकन व्यवस्था की व्यावहारिक कठिनाइयों की समीक्षा कर जरूरत के अनुसार सीधे खाद वितरण की व्यवस्था करने की अपील की है। अब किसानों की नजर प्रशासन और कृषि विभाग की कार्रवाई पर है।
सागर में ई-टोकन के फेर में फंसे किसान, एक सप्ताह से नहीं मिल रही डीएपी खाद!
ई.टोकन व्यवस्था बनी किसानों के ...
by Suraj Sen
[post_dates]

Sub Editor







