शाहपुर हत्याकांड का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार,दुर्घटना का रूप देने की साजिश पुलिस ने नाकाम की
सागर। थाना सानौधा अंतर्गत चौकी शाहपुर क्षेत्र में 8 मई को हुये चर्चित दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुये दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने घटना को सड़क दुर्घटना दर्शाने की साजिश रची थी, लेकिन पुलिस की वैज्ञानिक एवं तकनीकी विवेचना के चलते पूरा मामला उजागर हो गया। फरार अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस के अनुसार 9 मई को शाहपुर निवासी सूरज अहिरवार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 8 मई की रात करीब 8.30 बजे शराब बेचने के संदेह को लेकर आरोपी नीलेश अहिरवार, भगवत पटैल, अंशुल यादव, छोटू उर्फ हर्ष सिंह लोधी एवं अभिषेक पटैल ने उसका और नीरज प्रजापति का रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुये जातिसूचक शब्द कहे और लाठी व लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमले में नीरज प्रजापति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल सूरज अहिरवार ने उपचार के दौरान 10 मई को दम तोड़ दिया।
घटना के बाद आरोपियों ने हत्या को दुर्घटना साबित करने की कोशिश की। मृतकों की मोटरसाइकिल में तोड़फोड़ की गई और बोलेरो वाहन को सड़क किनारे खंती में उतार दिया गया, ताकि मामला सड़क हादसा लगे। हालांकि पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण, वैज्ञानिक साक्ष्यों का संग्रह और गवाहों से पूछताछ कर आरोपियों की साजिश का पर्दाफाश कर दिया। प्रकरण में थाना सानौधा में अपराध क्र. 128/26 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं एवं एससी/एसटी एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन में गठित विशेष टीमों ने शाहपुर, भडराना, मंझला, बूड़ा खेड़ाए धबौली और किन्द्रह सहित कई स्थानों पर दबिश दी। 11 मई को मुखबिर सूचना पर पुलिस ने शाहपुर से आरोपी नीलेश अहिरवार और अमोदा तिराहे से आरोपी अंशुल यादव को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार नीलेश अहिरवार पर पहले से आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसे जिला बदर भी किया जा चुका है। वहीं अंशुल यादव के खिलाफ थाना बण्डा में मारपीट का मामला दर्ज है। पुलिस ने दोनों आरोपियों से घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद कर न्यायालय में पेश किया है। अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।








