किन्नर अखाड़े से जुड़ी काली उर्फ नंद गिरी ने इंस्टाग्राम पर साझा किया वीडियो, संत समाज ने अघोर साधना के सार्वजनिक प्रदर्शन पर जताई नाराजगी
उज्जैन। उज्जैन के चक्रतीर्थ श्मशान घाट से जुड़ा एक कथित वीभत्स वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में किन्नर अखाड़े से जुड़ी काली उर्फ नंद गिरी जलती चिता से कथित तौर पर मांस निकालकर खाते हुए नजर आ रही हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो खुद उनके सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किया गया था। वीडियो सामने आने के बाद कई लोग इसे अमानवीय बताते हुए संबंधित अघोरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
वीडियो में काली उर्फ नंद गिरी हाथ में तलवार लिए नजर आती हैं। वह इंसान को खाने की बात कहती हैं और इसके बाद मंत्रोच्चार करते हुए चक्रतीर्थ स्थित जलती चिता में तलवार डालती दिखाई देती हैं। इसके बाद वह कथित तौर पर चिता से मांस के टुकड़े निकालती हैं और उन्हें कच्चा खाते हुए नजर आती हैं।
वीडियो में वह मांस को गर्म और स्वादिष्ट बताते हुए कई बातें कहती दिखाई देती हैं। वीडियो के अंत में वह अपने जीवन और अघोर साधना का हवाला देते हुए लोगों को खुद से बचकर रहने की बात भी कहती हैं। काली उर्फ नंद गिरी के इंस्टाग्राम अकाउंट से साझा किए गए इस वीडियो को बड़ी संख्या में लोगों द्वारा देखे जाने की बात कही जा रही है।
वीडियो सामने आने के बाद संत समाज और आम लोगों की ओर से नाराजगी जताई जा रही है। मामले को लेकर महामंडलेश्वर शैलेशानंद गिरी ने कहा कि अघोर साधना की अपनी मर्यादाएं होती हैं और तांत्रिक क्रियाओं को गोपनीय रखना आवश्यक है। उनका कहना है कि इस तरह सार्वजनिक रूप से साधना का प्रदर्शन उचित नहीं है और यह वैदिक परंपरा के अनुरूप नहीं है।
वहीं, सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद संबंधित अघोरी के खिलाफ कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग भी उठ रही है।








